बक्सर का नौलखा मंदिर, परिचय, इतिहास, नौलखा मंदिर जाने का रास्ता


हेलो दोस्तों अगर आप एक पर्यटक हैं और आप बक्सर में शैर करने के लिए आए हैं या आने वाले हैं तो आपने बक्सर के नौलखा मंदिर के बारे में जरूर सुना होगा तो आज मैं इसी के बारे में आप लोगों को विस्तार से बताने वाला हूं तो आइए जानते हैं


बक्सर के नौलखा मंदिर का इतिहास और परिचय

बक्सर के नौलखा मंदिर बिहार के एक  पावन स्थल  बक्सर जिला के चरित्रवन में स्थित है जिसकी ऊंचाई लगभग 45 मीटर ऊंची है जिसकी रचना अद्भुत है इसका रंग सोना के रंग की तरह है इस मंदिर में भगवान कृष्ण और राधा की मूर्तियां हैं ।

Buxar ka naulakha mandir

पूर्वजों के अनुसार नौलखा मंदिर का निर्माण किसी रानी के द्वारा करवाया गया था ,क्योंकि उसके पति और पुत्र एक युद्ध में मारे जाने की वजह से शोक में डूब गई थी , जिससे बाहर निकलने के लिए बाला आनंद ब्रह्मचारी नामक एक संत ने ऐसा मार्गदर्शन किया था।

बक्सर का नौलखा मंदिर क्यों प्रचलित है ?

नौलखा मंदिर एक प्राचीन काल में बना एक मंदिर है ,जो हमें हमारे पूर्वजों की याद दिलाता है यह एक उनका अस्तित्व है, जिसके पास एक अद्भुत संरचना है।
जहां घूमने  पर एक सुकून जैसा महसूस होता है और यहां के दृश्य अपने कैमरे में कैद करने लायक है जो हमें पर्यटक स्थल का एहसास दिलाती है जिसके वजह से बक्सर का नौलखा मंदिर पर्यटको के बीच प्रचलित है।


बक्सर के नौलखा मंदिर जाने का रास्ता कौन-कौन है?

1. अगर आप ट्रेन से यात्रा करके इसका दर्शन करने आ रहे हैं तो आपको बक्सर रेलवे स्टेशन से रिक्शा पकड़ कर पुराना बस स्टैंड (पुलिस चौकी) आना होगा और वहां से आप पैदल या रिक्शा पकड़ कर चरित्र बन जाएंगे जहां से एक गली से होकर जाना होगा यहां से मंदिर चरित्रवन में बक्सर - सासाराम मार्ग से 5 मिनट का रास्ता है।

2. अगर आप सासाराम - बक्सर मार्ग से बस या गाड़ी के द्वारा आते हैं तो आपको बक्सर चरित्रवन में आप लोकल व्यक्ति से पूछकर नौलखा मंदिर जा सकते हैं ।

3. अगर आप आरा बक्सर मार्ग से आ रहे हैं तो आपको बक्सर नया बस स्टैंड से रिक्शा पकड़ कर पुलिस चौकी आना होगा और वहां से रिक्शा या पैदल जा सकते हैं।